Showing posts with label चमक. Show all posts
Showing posts with label चमक. Show all posts

Monday, August 19, 2019

लोटे की चमक

एक ऋषी रोज लोटा मांजते थे, एक शिष्य ने कहा के लोटे को रोज़ मांजने की क्या जरूरत है? सप्ताह में एक बार मांज लें, ऋषी ने कहा -बात तो सही है और उसके बाद उन्होंने उसे नही मांजा। उस लोटे की चमक फीकी पड़ने लगी, सप्ताह बाद ऋषी ने शिष्य को कहा कि लोटे को साफ कर दो। शिष्य लोटे को बहुत देर मांजने के बाद भी पहले वाली चमक नहीं ला सका। फिर और मांजा, तब जाकर लोटा कुछ चमका, ऋषी बोले- लोटे से सीखो, जब तक इसे रोज मांजा जाता रहा, यह रोज चमकता रहा। ऐसे ही साधक होता है अगर वह रोज मन को साफ न करे तो मन संसारी विचारो से अपनी चमक खो देता है, इसको रोज ध्यान से चमकाना चाहिए। यदि एक दिन भी भजन सिमरन का अभ्यास छोड़ा तो चमक फीकी पड़ जाएगी.