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Tuesday, October 13, 2015

भाग्ये का खेल

एक ग़रीब आदमी की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान् पूछते हैं क्या चाहिए ?
आदमी कहता है मैं अमीर बनना चाहता हूँ। भगवान् कहते हैं ठीक है लेकिन शर्त ये है कि तू पानी में डूबकर मरेगा। वो आदमी स्वीकार कर लेता है और मन ही मन निश्चय करता है कि कभी पानी में सफर नहीं करेगा।
ग़रीब आदमी की लॉटरी लग जाती है, तो सोचता है कि तट पर ही धूप सेकूगा, सागर में नहीं नहाउंगा। उसी समय कोई उसे लॉटरी में जहाज से सैर करने का एक फ्री टिकट दे देता है, मन में लालच आ जाता है। सोचता है– मैं अकेला थोड़ी ही हूँ, वहाँ तो बहुत लोग होंगे, मुझे मारने के लिए भगवान् सबको तो मारेगें नहीं। जहाज पर सवार हो जाता है।
तट से दूर पहुँचने पर जहाज डूबने लगता है। ग़रीब आदमी भगवान् को पुकारता है, पूछता है, मेरे कारण आप ढाई हजार लोगों को क्यों मार रहे हो?
भगवान् – ये तो मैं ही जानता हूँ कि कैसे-कैसे ये 2500 लोग मेंने एक जगह इकट्ठे किये। 

Monday, July 6, 2015

भाग्य

एक सेठ जी थे  - जिनके पास काफी दौलत थी. सेठ जी ने अपनी बेटी की शादी एक बड़े घर में की थी. परन्तु बेटी के भाग्य में सुख न होने के कारण उस+का पति जुआरी, शराबी निकल गया.  जिससे सब धन समाप्त हो गया. बेटी की यह हालत देखकर सेठानी जी रोज सेठ जी से कहती कि आप दुनिया की मदद करते हो, मगर अपनी बेटी परेशानी में होते हुए उसकी मदद क्यों नहीं करते हो?
सेठ जी कहते कि "जब उनका भाग्य उदय होगा तो अपने आप सब मदद करने को तैयार हो जायेंगे..."
एक दिन सेठ जी घर से बाहर गये थे कि, तभी उनका दामाद घर आ गया. सास ने दामाद का आदर-सत्कार किया और बेटी की मदद करने का विचार उसके मन में आया कि क्यों न मोतीचूर के लड्डूओं में अर्शफिया रख दी जाये.यह सोचकर सास ने लड्डूओ के बीच में अर्शफिया दबा कर रख दी और दामाद को टीका लगा कर विदा करते समय पांच किलों शुद्ध देशी घी के लड्डू, जिनमे अर्शफिया थी, दिये. दामाद लड्डू लेकर घर से चला, दामाद ने सोचा कि इतना वजन कौन लेकर जाये क्यों न यहीं मिठाई की दुकान पर बेच दिये जायें और दामाद ने वह लड्डुयों का पैकेट मिठाई वाले को बेच दिया और पैसे जेब में डालकर चला गया.
उधर सेठ जी बाहर से आये तो उन्होंने सोचा घर के लिये मिठाई की दुकान से मोतीचूर के लड्डू लेता चलू और सेठ जी ने दुकानदार से लड्डू मांगे.मिठाई वाले ने वही लड्डू का पैकेट सेठ जी को वापिस बेच दिया.
सेठ जी लड्डू लेकर घर आयेसेठानी ने जब लड्डूओ का वही पैकेट देखा तो सेठानी ने लड्डू फोडकर देखे, अर्शफिया देख कर अपना माथा पीट लिया.
सेठानी ने सेठ जी को दामाद के आने से लेकर जाने तक और लड्डुओं में अर्शफिया छिपाने की बात कह डाली...
सेठ जी बोले कि भाग्यवान मैंनें पहले ही समझाया था कि अभी उनका भाग्य नहीं जागा... देखा मोहरें ना तो दामाद के भाग्य में थी और न ही मिठाई वाले के भाग्य में...

इसलिये कहते हैं कि भाग्य से
ज्यादा
और...
समय
से पहले न किसी को कुछ मिला है और न मिलेगा इस लिये ईश्वर जितना दे उसी मै संतोष करो




Edited and compiled by
Mrs Bindu ji
(Senior member-"Yaatra" watsapp group)

Saturday, April 13, 2013

The Powerful suit- Spade


While reading divination playing crads for fortune telling when we came across the spades then it reflect the action packed impact on the person.These cards hold the power of transformation.Spades reflect areas where you are experiencing conflict . These cards are often seen in a negative light, but their purpose is to let you know when it's time to move on.Spades often relate to illness or health-related difficulties.Spades reflect your inability to let go, to see clearly, to share and cooperate with others, or to act in a direct manner. Too much spade energy suggests that you are in denial about some issue and refusing to make necessary changes in your life.
Element represent- Air
Key indication- warning
Zodiac-Aquarius,Libra,Gemini